आस्था और श्रद्धा के महापर्व महाकुंभ 2025 की शुरुआत के साथ ही त्रिवेणी संगम में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अब तक संगम में पवित्र स्नान कर चुके हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रयागराज में कैबिनेट बैठक आयोजित किए जाने की संभावना है।
सूत्रों की मानें तो इस बैठक की तैयारी शुरू हो चुकी है। हालांकि बैठक की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि यह बैठक मौनी अमावस्या (21 जनवरी) के आसपास हो सकती है। बैठक से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य संगम में डुबकी लगाकर महाकुंभ में अपनी आस्था प्रकट करेंगे।
इस विशेष कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। महाकुंभ 2025 से संबंधित योजनाओं की समीक्षा और आगामी आवश्यक फैसले इस बैठक के मुख्य मुद्दे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रयागराज में कैबिनेट बैठक का आयोजन होगा। इससे पहले 2019 के कुंभ मेले के दौरान भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट के साथ यहां बैठक की थी। उस बैठक में मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।
महाकुंभ 2025 के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई वीआईपी अतिथियों के प्रयागराज आने की संभावना है। इस वजह से प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कैबिनेट बैठक और महाकुंभ में भाग लेने वाले मंत्रियों के ठहरने, संगम तक उनकी पहुंच और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रयागराज पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के लिए एक ठोस रणनीति तैयार कर ली है, ताकि महाकुंभ और कैबिनेट बैठक के दौरान किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।

