लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर नॉर्दन रेलवे द्वारा चलाए जा रहे री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत रैन बसेरे को हटाने के लिए बुलडोजर चलाने की योजना पर विवाद उठ खड़ा हुआ है। जब शुक्रवार सुबह रेलवे का बुलडोजर रैन बसेरा तोड़ने के लिए पहुंचा, तो वहां रहने वाले कुलियों ने इसका विरोध किया और रेलवे अधिकारियों से इसका विरोध किया।
कुलियों का रेलवे अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नॉर्दन रेलवे के डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा और स्टेशन डायरेक्टर प्रशांत कुमार भी मौके पर पहुंचे। कुलियों के अध्यक्ष सुरेश यादव ने रेलवे अधिकारियों से मांग की कि रैन बसेरा तोड़ने से पहले उन्हें एक वैकल्पिक स्थान पर रहने के लिए व्यवस्था की जाए।
ठंड में कुलियों के लिए संकट
कुलियों के अध्यक्ष सुरेश यादव ने बताया कि करीब 250 कुली रैन बसेरा में रहते हैं, और पहले से ही जगह की कमी के कारण उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। अब अगर यह रैन बसेरा तोड़ा जाता है, तो ठंड में उनका जीवन और भी मुश्किल हो जाएगा। कुली राजेंद्र ने बताया कि हम लोग यहां पिछले कई सालों से रह रहे हैं, और यदि इसे तोड़ा गया तो हम सभी को इस कड़ी सर्दी में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
रेलवे अधिकारियों का आश्वासन
डीआरएम ने कुलियों को आश्वस्त किया कि उन्हें बेघर नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत यह कार्रवाई आवश्यक है।

