सोमवार देर रात उत्तर प्रदेश के शामली जिले के झिंझाना क्षेत्र के उदपुर गांव के जंगल में एसटीएफ और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में मुस्तफा गैंग का कुख्यात बदमाश अरशद, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम था, अपने तीन साथियों सहित मारा गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में इंस्पेक्टर सुनील कुमार घायल हो गए, जिन्हें गंभीर हालत में गुरुग्राम रेफर किया गया।
जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ मेरठ को सूचना मिली थी कि झिंझाना क्षेत्र में कुछ बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस पर टीम ने तत्काल उदपुर गांव के पास ईंट भट्ठे के पास घेराबंदी की। जब ब्रेजा कार में सवार बदमाशों को रोका गया, तो उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोलियां चलाईं।
इस मुठभेड़ में सहारनपुर के गंगोह निवासी और मुस्तफा गैंग के सदस्य अरशद, सोनीपत निवासी मंजीत, हरियाणा के मधुबन का सतीश और एक अन्य बदमाश मारे गए। वहीं, फायरिंग के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार को गोली लगने से गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए गुरुग्राम भेजा गया।
एसटीएफ ने बताया कि अरशद पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में लूट, हत्या और अन्य गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह सहारनपुर और पानीपत में कई संगीन अपराधों में वांछित था। मंजीत, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, पैरोल पर बाहर आकर फिर से अपराध कर रहा था।
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से पुलिस ने कई हथियार, पिस्टल और तमंचे बरामद किए। मौके पर डीआईजी अजय साहनी और एसपी शामली रामसेवक गौतम ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि बदमाश किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते उनकी योजना विफल कर दी गई।

