उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के त्रिवेणी संकुल में अपनी कैबिनेट के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के सभी 54 मंत्री शामिल हुए, जहां महाकुंभ और प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद, मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई और गंगा पूजन किया। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैं पूरे मंत्रिपरिषद की ओर से महाकुंभ में आए सभी संतों और श्रद्धालुओं का स्वागत करता हूं। पहली बार महाकुंभ में पूरा मंत्रिमंडल उपस्थित है। प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में प्रदेश के एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर से संबंधित नई नीतियों को लागू करने पर विचार हुआ। इसके अलावा, निवेश बढ़ाने, युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित करने की योजना, और प्रयागराज के विकास पर भी चर्चा की गई।
वाराणसी में म्यूनिसिपल बॉंड जारी करने का ऐलान
योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी दी और नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की योजना का जिक्र किया। साथ ही, प्रयागराज, आगरा और वाराणसी में म्यूनिसिपल बॉंड जारी करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसी तरह के बॉंड पहले लखनऊ और गाजियाबाद में भी जारी किए गए थे, जिससे सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
विपक्ष का प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस आयोजन पर निशाना साधते हुए कहा, “कुंभ में राजनीति नहीं होनी चाहिए। कैबिनेट की बैठक कुंभ में रखकर बीजेपी सियासी संदेश देना चाहती है। हमारी पार्टी के लोग भी आस्था रखते हैं और डुबकी लगाकर आ गए होंगे, लेकिन उन्होंने इसका प्रचार नहीं किया होगा।”
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को सस्टेनेबल डेवलपमेंट से जोड़ने की बात कही और इसे प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

