दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप केस में दोषी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को चिकित्सा कारणों पर अंतरिम जमानत दी है। यह जमानत एम्स में मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर प्रदान की गई है। अदालत ने जमानत के लिए कड़ी शर्तें लगाई हैं। यदि 24 जनवरी को सर्जरी नहीं होती, तो सेंगर को उसी दिन जेल में वापस सरेंडर करना होगा।
यदि सर्जरी 24 जनवरी को होती है, तो उन्हें 27 जनवरी तक जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। अदालत ने साफ किया है कि इसके बाद उनकी अंतरिम जमानत आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि सेंगर के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान प्राइवेट वार्ड में सुरक्षा के लिए एक पुलिस कांस्टेबल तैनात रहेगा। इसके साथ ही, एक समय में केवल दो लोगों को ही सेंगर से मिलने की इजाजत होगी।
सुनवाई के दौरान, सेंगर के वकील मनीष वशिष्ठ ने बताया कि एम्स ने 24 जनवरी को मोतियाबिंद के ऑपरेशन की तारीख तय की है। वकील ने यह भी जानकारी दी कि 20 जनवरी को अंतरिम जमानत खत्म होने के बाद सेंगर ने हाईकोर्ट के निर्देशानुसार जेल में सरेंडर कर दिया था। गौरतलब है कि दिसंबर 2022 में सेंगर को पहले दो सप्ताह की जमानत दी गई थी, जिसे बाद में एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। सेंगर को 2017 में नाबालिग से रेप और अपहरण के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

