इटावा में जैसे ही धूप निकली, वन्य जीव चंबल नदी छोड़कर रेत पर धूप सेंकने के लिए पहुंचने लगे हैं। इनमें घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन जैसे जानवर शामिल हैं। हाल ही में कुछ वन्य जीव रेत पर धूप लेते हुए देखे गए।
मौसम में बदलाव के साथ ही ठंड से राहत पाते हुए इंसानों के साथ-साथ वन्य जीव भी धूप का आनंद ले रहे हैं। इटावा के पास बहने वाली चंबल नदी में मगरमच्छ, घड़ियाल और डॉल्फिन जैसे जीव रहते हैं, जो ठंड के मौसम में पानी की सतह के नीचे चले जाते हैं और धूप निकलने का इंतजार करते हैं। आज चंबल नदी के किनारे एक दिलचस्प दृश्य देखने को मिला, जहां रेत पर घड़ियाल और मगरमच्छ धूप में आराम फरमा रहे थे। इस दृश्य की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं।
चंबल नदी में वन्य जीवों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। 2002 में चंबल नदी में घड़ियालों की संख्या 1872 थी, जो 2023 में बढ़कर 1887 हो गई। इसी तरह, मगरमच्छों की संख्या 594 से बढ़कर 608 हो गई है, और डॉल्फिनों की संख्या भी 147 से बढ़कर 151 हो गई है। हालांकि, घड़ियाल और मगरमच्छों के रेत पर आराम फरमाने से आसपास के निवासियों में खतरे की आशंका पैदा हो गई है। चंबल नदी के किनारे कई लोग अपने पशुओं को पानी पिलाने आते हैं, और ऐसे में इन जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना रहता है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे चंबल नदी के किनारे कम से कम जाएं ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

