आजमगढ़ नागरिक समाज द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस (30 जनवरी) के अवसर पर रैदोपुर स्थित गांधी प्रतिमा पर संकल्प सभा आयोजित की गई। इस मौके पर उपस्थित नागरिकों ने गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की और अहिंसा व शांति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सभा के दौरान महाकुंभ में हुई दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में साहित्यकार, कवि, पत्रकार, अधिवक्ता, युवा, किसान संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया।
वक्ताओं ने वर्तमान समय में बढ़ती हिंसा और नफरत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए महात्मा गांधी के विचारों को इन चुनौतियों से निपटने का सर्वोत्तम माध्यम बताया। उन्होंने सत्याग्रह की शक्ति को रेखांकित करते हुए किसान आंदोलन का उदाहरण दिया, जिसमें सैकड़ों किसानों ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए बलिदान दिया।
वक्ताओं ने कहा कि भारत की पहचान महात्मा गांधी, गौतम बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से जुड़ी हुई है। हमें यह संकल्प लेना होगा कि देश में हिंसा और नफरत की राजनीति को कोई स्थान न मिले। प्रेम, अहिंसा और बंधुत्व के मूल्यों को अपनाकर ही हम एक सशक्त और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना कर सकते हैं।
प्रमुख हस्तियों की भागीदारी
इस संकल्प सभा में कई प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें साहित्यकार सत्यम प्रजापति, एनएपीएम के राज शेखर, किसान नेता राजीव यादव, शायर आदित्य आज़मी, पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, कवि राजनाथ यादव, कांग्रेस नेता मंतराज यादव, वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार दत्ता, नज़म शमीम, श्याम सुंदर मौर्या, आम आदमी पार्टी के प्रादेशिक अध्यक्ष राजेश यादव, सामाजिक न्याय आंदोलन से राजेंद्र यादव, महेंद्र यादव, शहजाद कमर, अमरजीत यादव, आफताब आलम, प्रदीप यादव, आर्यन प्रजापति, अजमल खान, नीरज यादव, तफसीर आलम और सूफियान खान सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे। सभा के दौरान वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों को अपनाने तथा समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया।

