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बरेली पुलिस ने फर्जी तांत्रिक गिरोह का किया भंडाफोड़ , 5 आरोपी गिरफ्तार

बरेली जिले के थाना बारादरी पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो तंत्र-मंत्र और खजाना खोजने के नाम पर लोगों को ठगता था। इस गैंग के सदस्य नकली हत्या का नाटक कर भी लोगों से पैसे वसूलते थे। पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई कार, नकली सोने के 18 सिक्के, पीतल का कलश, 27,000 रुपये नकद, एक तमंचा, एक कारतूस, तीन चाकू और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

बदायूं जिले के थाना वजीरगंज के ग्राम बरोर निवासी मोहनलाल ने 29 जनवरी 2025 को थाना बारादरी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले बरेली के सैटेलाइट बस स्टैंड पर उनकी मुलाकात भूरा खां नामक व्यक्ति से हुई थी। भूरा ने दावा किया कि मोहनलाल के घर पर ऊपरी बाधा है, जिसे दूर करने के लिए वह एक तांत्रिक को जानता है।

कुछ दिनों बाद, भूरा अपने साथ एक मौलवी और तीन अन्य लोगों को लेकर मोहनलाल के घर पहुंचा और वहां तंत्र-मंत्र का नाटक किया। मौलवी ने यह कहकर विश्वास जीत लिया कि उनके खेत में सोने के सिक्कों से भरा खजाना दबा है। इसके बाद गिरोह ने धीरे-धीरे अलग-अलग बहानों से मोहनलाल से 4.77 लाख रुपये ऐंठ लिए।

25 जनवरी 2025 को भूरा और मौलवी अपने दो साथियों के साथ मोहनलाल को खेत में लेकर पहुंचे और वहां तंत्र-मंत्र करने लगे। तभी गिरोह का एक अन्य सदस्य अचानक वहां पहुंचा और मौलवी पर नकली गोली चला दी। मौलवी ने पहले से रखे गए खून को अपने शरीर पर लगाकर घायल होने का नाटक किया। यह देखकर मोहनलाल डर गया और वहां से भाग निकला। इसके बाद गैंग ने फोन करके बताया कि मौलवी की मौत हो गई है और पुलिस केस से बचने के लिए उसे 10 लाख रुपये देने होंगे। बाद में सौदा 6 लाख रुपये में तय हुआ।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 29 जनवरी 2025 को मामला दर्ज किया। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने विकास भवन के पास एक खाली मैदान में छापेमारी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

  1. इकलास पुत्र काले खाँ (निवासी अम्बरपुर, थाना भोजीपुरा, बरेली)
  2. भूरा खाँ पुत्र जुम्मा खाँ (निवासी ओसी, थाना शाहबाद, रामपुर)
  3. मोहम्मद रजा पुत्र गफूर खाँ (निवासी ओसी, थाना शाहबाद, रामपुर)
  4. लियाकत खाँ पुत्र काले खाँ (निवासी अम्बरपुर, थाना भोजीपुरा, बरेली)
  5. शाहमीर खाँ पुत्र सईद खाँ (निवासी अम्बरपुर, थाना भोजीपुरा, बरेली)

इनमें से कई आरोपियों के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट और अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं।

बरामद सामान

  • एक कार (Celerio ग्रे रंग, रजिस्ट्रेशन नंबर: UP 32 GX 8402)
  • एक तमंचा (12 बोर) और एक जिंदा कारतूस
  • 18 नकली सोने के सिक्के और एक पीतल का कलश
  • 27,000 रुपये नकद
  • तीन चाकू
  • पांच मोबाइल फोन

गिरोह का तरीका और खुलासा

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर ऐसे लोगों को निशाना बनाते, जो किसी न किसी समस्या से परेशान हों। पहले गिरोह का एक सदस्य उनसे संपर्क कर तंत्र-मंत्र के जरिए समाधान देने का भरोसा दिलाता, फिर बाकी साथी मौलवी और तांत्रिक बनकर उन्हें धोखा देते।

वे नकली खजाने का लालच देकर पैसे वसूलते और जब पीड़ित काफी धनराशि दे चुका होता, तो गिरोह नकली हत्या का नाटक कर उसे ब्लैकमेल करता। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4)/316(2)/308(2)/317(2) और धारा 3/4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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