बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ट्रांस गेरुआ जंगल और नेपाल सीमा के पास स्थित भरथापुर गांव में गुरुवार रात एक जंगली टस्कर हाथी ने आतंक मचा दिया। इस हाथी ने फूस से बने तीन कच्चे घरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, जिससे गांववासियों को भारी नुकसान हुआ। पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में जंगली हाथियों का आतंक देखा जा रहा है। गुरुवार की रात करीब दो बजे एक टस्कर हाथी गांव में घुस आया और तीन घरों को तहस-नहस कर दिया।
इन घरों के मालिक मिश्रीलाल (पुत्र भारत), कलावती (पत्नी पुतई), और विनोद कुमार (पुत्र राधेश्याम) थे। हाथी ने इन घरों को पूरी तरह से ढहा दिया। गांववाले हाथी को भगाने के लिए इकट्ठे हो गए और टॉर्च, मशाल, ढोल और थाली की आवाजों के साथ हाका करने लगे। इसके बावजूद, हाथी ने घरों में रखे सामान को नष्ट किया और अनाज को बिखेरकर बर्बाद कर दिया। हाथी का उत्पात लगभग एक घंटे तक चलता रहा, और इसके बाद वह जंगल की ओर भाग गया।
गांव के निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले हाथी ने वीरेंद्र और दिनेश के घर की कच्ची दीवार को भी ढहा दिया था, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी थी।
ग्रामीणों की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन रक्षक योगेश सिंह ने घटना की जांच की और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट रेंज कार्यालय और उच्च अधिकारियों को भेज दी।

