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महाकुंभ में बसंत पंचमी के अवसर पर तीसरा अमृत स्नान जारी, श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई

बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सोमवार तड़के महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान प्रारंभ हो गया। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं।

62 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नान

प्रशासन के अनुसार, सुबह आठ बजे तक 62 लाख से अधिक भक्त स्नान कर चुके थे। मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि संगम घाट पर नागा साधुओं और आम श्रद्धालुओं के स्नान के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। चारों ओर “हर हर गंगे” के जयघोष गूंज रहे हैं, और श्रद्धालु इस दिव्य अवसर का भरपूर आनंद ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि महाकुंभ में पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं में अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई।

मुख्यमंत्री ने की व्यवस्थाओं की निगरानी

राज्य के सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास से प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ मिलकर तड़के 3:30 बजे से ही महाकुंभ में स्नान व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अमृत स्नान निर्विघ्न रूप से चल रहा है। संन्यासी अखाड़ों के साधु संतों के स्नान के बाद अब बैरागी अखाड़े के संत घाट पर पहुंच रहे हैं।

मौनी अमावस्या पर भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु

इससे पहले, सबसे पहले महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के संतों ने स्नान किया। उनके बाद निरंजनी, आनंद, जूना और आवाहन अखाड़े के संतों ने अमृत स्नान किया। यह अमृत स्नान मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ के बाद हो रहा है, जिसमें 30 लोगों की जान चली गई थी और 60 लोग घायल हुए थे।

विकल्प के रूप में दशाश्वमेध घाट पर भी स्नान

संगम तट पर अत्यधिक भीड़ के चलते कई श्रद्धालु दारागंज स्थित पक्के दशाश्वमेध घाट पर भी स्नान कर रहे हैं। रायपुर से आईं राम प्यारी नामक महिला ने कहा कि गंगा स्नान अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्होंने संगम में भीड़ से बचने के लिए दशाश्वमेध घाट को चुना।

सरकार का अनुमान – सोमवार को पांच करोड़ लोग करेंगे स्नान

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 13 जनवरी से अब तक लगभग 35 करोड़ श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। अनुमान है कि बसंत पंचमी के दिन पांच करोड़ से अधिक लोग स्नान करेंगे।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत मेला प्रशासन और पुलिस “शून्य त्रुटि” के साथ अमृत स्नान संपन्न कराने हेतु पूरी तरह मुस्तैद हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर स्वयं मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था देख रहे हैं।

पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वैभव कृष्ण ने बताया कि 29 जनवरी की घटना को ध्यान में रखते हुए अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। आज स्नान पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रहा है।

‘ऑपरेशन इलेवन’ के तहत भीड़ प्रबंधन योजना

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने बसंत पंचमी के लिए ‘ऑपरेशन इलेवन’ नामक विशेष भीड़ प्रबंधन योजना बनाई है। सोमवार को एकल मार्ग की व्यवस्था लागू रहेगी, जिससे भीड़ का नियंत्रण किया जा सके। त्रिवेणी संगम घाटों पर अतिरिक्त दबाव रोकने हेतु अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

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