उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। नई नीति के तहत शराब की दुकानों का लाइसेंस अब ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा और पुराने लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा। सरकार का उद्देश्य इस नीति से 55,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करना है, जो पिछले साल की तुलना में 4,000 करोड़ रुपये अधिक है।
ई-लॉटरी से शराब दुकानों का आवंटन
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में अब विदेशी शराब 90 और 60 मिलीलीटर पैक में भी उपलब्ध होगी। नई नीति के अनुसार शराब दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा, और एक व्यक्ति अधिकतम दो दुकानें ही ले सकेगा। इसके अलावा, बीयर की दुकानों के लिए परमिट प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है, और इन्हें अब कम्पोजिट शॉप के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे मॉडल शॉप के रूप में बदलने का विकल्प होगा। शराब की दुकानों का संचालन समय पहले जैसा ही रहेगा, यानी सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक।
आबकारी विभाग को अतिरिक्त अधिकार
नई नीति के तहत आबकारी आयुक्त को देसी शराब और मॉडल शॉप्स की कुल संख्या का तीन प्रतिशत तक नई दुकानें खोलने का अधिकार प्राप्त होगा। साथ ही, एथनॉल ब्लेंडिंग करने वाले तेल डिपो को 7,500 रुपये की प्रोसेसिंग फीस पर ऑनलाइन अनुमति प्राप्त होगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल
मंत्रिपरिषद ने आठ घाटे में चल रहे पर्यटक आवास गृहों को सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) मॉडल पर देने का प्रस्ताव पास किया है। इनमें इटावा का सुमेर सिंह किला, सिद्धार्थनगर का कपिलवस्तु, फिरोजाबाद का शिकोहाबाद, मिर्जापुर का विंध्याचल, मऊ का झील महल रेस्टोरेंट, गोपीगंज (भदोही), बस्ती और वृंदावन के राही पर्यटक आवास गृह शामिल हैं।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- मथुरा में डेयरी प्लांट: मथुरा में 30,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले ग्रीनफील्ड डेयरी प्लांट की स्थापना को मंजूरी दी गई, जिसे भविष्य में एक लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकेगा।
- शाहजहांपुर में नया विकास प्राधिकरण: शाहजहांपुर जिले में एक नया विकास प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा।
- लखनऊ में ट्रॉमा सेंटर: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में 500 बेड का नया ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा, जिस पर 272.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- बस स्टेशनों पर मॉल निर्माण: प्रदेश के सात बस स्टेशनों पर मॉल बनाने के लिए निजी क्षेत्र को 90 साल की लीज पर दिया जाएगा। इनमें कौशांबी (गाजियाबाद), लखनऊ का अमौसी डिपो, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, साहिबाबाद और आगरा का फाउंड्रीनगर डिपो शामिल हैं।

