उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए संपत्ति विवरण जमा करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब कर्मचारी 15 फरवरी तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि इस तिथि तक भी जानकारी नहीं दी जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पहले, संपत्ति विवरण जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी थी, लेकिन इस अवधि तक केवल 5,93,873 कर्मचारियों ने ही अपनी संपत्ति का विवरण दिया था। इसे देखते हुए, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने समयसीमा बढ़ाकर 15 फरवरी कर दी है।
इसके अलावा, समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों के लिए मानव संपदा पोर्टल पर वार्षिक ऑनलाइन गोपनीय प्रविष्टियां दाखिल करने की तिथि भी बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि इस प्रक्रिया में कर्मचारियों के हित प्रभावित न हों और उनकी जिम्मेदारी तय की जाए।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से प्रशासन में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता आएगी। कर्मचारियों को इसे अपने हित में समझना चाहिए, क्योंकि इससे सरकारी कार्यों में अधिक स्वच्छता और निष्पक्षता बनी रहेगी। यह नियम सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वे किसी भी पद पर हों।

