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यूपी विधानसभा उपचुनावों में ढाई महीने के भीतर NDA गठबंधन ने आठवीं बार जीत दर्ज की

महज ढाई महीने के अंतराल में हुए उपचुनावों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 में से 8 सीटों पर जीत दर्ज की। जनता ने एक बार फिर योगी सरकार की सुशासन और मजबूत कानून व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए भाजपा और उसके सहयोगियों के पक्ष में मतदान किया।

नवंबर में हुए उपचुनाव में कुंदरकी सीट पर भाजपा ने शानदार जीत हासिल की, वहीं कटेहरी और मिल्कीपुर में भी समाजवादी पार्टी के गढ़ को ध्वस्त कर दिया। इन तीनों सीटों पर भाजपा ने सपा को करारी शिकस्त दी और अपने प्रत्याशियों को विधानसभा तक पहुंचाया। 10 में से 7 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि एक सीट (मीरापुर) पर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने जीत दर्ज की, जिससे गठबंधन ने कुल 8 सीटों पर कब्जा जमाया।

भाजपा ने सपा के गढ़ में लगाई सेंध

यूपी के हालिया उपचुनाव में भाजपा की सबसे बड़ी जीत कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में रही, जो समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता था। यहां भाजपा उम्मीदवार रामवीर सिंह ने 1,70,371 मत प्राप्त किए और सपा प्रत्याशी मो. रिजवान को भारी अंतर से, 1,44,791 वोटों से, पराजित किया।

गाजियाबाद उपचुनाव में भाजपा ने महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा को प्रत्याशी बनाया, जिन्होंने 69,351 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट पर भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। यहां चंद्रभानु पासवान ने 61,710 वोटों से सपा को हराकर भाजपा को तीसरी बार यह सीट दिलाई।

कटेहरी में तीन दशक बाद भाजपा की जीत

कटेहरी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी पिछले तीन दशकों से जीत दर्ज नहीं कर पाई थी, लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पार्टी ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। भाजपा प्रत्याशी धर्मराज निषाद ने सपा की शोभावती वर्मा को 34,514 वोटों के अंतर से पराजित किया।

कुंदरकी में भाजपा की ऐतिहासिक जीत

कुंदरकी सीट पर 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार उपचुनाव में भाजपा ने बाज़ी मार ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और जनता के समर्थन से भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह ठाकुर ने सपा को चारों खाने चित कर दिया। रामवीर सिंह को 1,70,371 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी मो. रिजवान मात्र 25,580 वोट ही प्राप्त कर सके।

तीसरी बार मिल्कीपुर में खिला कमल

मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर पहले विपक्षी दलों का दबदबा था। पहली बार 1991 में भाजपा ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी, फिर 2017 में एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए। अब, 2024 के उपचुनाव में भाजपा के चंद्रभानु पासवान ने सपा से यह सीट छीन ली। योगी सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं, सुशासन और सख्त कानून व्यवस्था के चलते जनता ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।

इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कई किलों को ध्वस्त कर दिया और सपा के प्रभाव वाले इलाकों में अपनी मजबूती साबित की। यह जीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता की मुहर के रूप में देखी जा रही है।

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