समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से आग्रह किया है कि महाकुंभ के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश में वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि जब फिल्मों को मनोरंजन कर से छूट दी जा सकती है, तो फिर महाकुंभ जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान गाड़ियों को कर मुक्त क्यों नहीं किया जा सकता ?
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि महाकुंभ के अवसर पर प्रदेश में वाहनों को टोल फ्री कर देना चाहिए। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी, जाम की समस्या कम होगी और सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार मनोरंजन के लिए टैक्स माफ कर सकती है, तो फिर आध्यात्मिक और धार्मिक आयोजन के दौरान यात्रियों को यह राहत क्यों नहीं दी जा सकती?
गणतंत्र दिवस के दिन अखिलेश यादव ने महाकुंभ में शिरकत की थी और संगम में 11 बार डुबकी लगाई थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम हमें एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालु बिना किसी प्रचार के अपनी आस्था के चलते यहां आते हैं। संगम स्नान के बाद उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें अपनी 11 डुबकियों का विशेष महत्व बताया। उन्होंने लिखा— “महाकुंभ के पावन अवसर पर संगम में डुबकी लगाई: एक माँ त्रिवेणी को नमन करने के लिए, एक आत्मचिंतन के लिए, एक सर्वजन कल्याण के लिए, एक सभी के उत्थान के लिए, एक सम्मान और स्वाभिमान के लिए, एक समस्याओं के समाधान के लिए, एक प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए, एक दुखों के निवारण के लिए, एक देश के विकास के लिए और एक राष्ट्रीय एकता के संदेश को सशक्त करने के लिए।”
गौरतलब है कि अखिलेश यादव महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। मौनी अमावस्या के दिन हुई दुर्घटना के बाद उन्होंने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान इस मुद्दे को उठाकर यूपी सरकार की आलोचना की थी। इस पर भाजपा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी।

