बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने मिल्कीपुर उपचुनाव के नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। अपनी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस सीट पर बसपा ने कोई प्रत्याशी ही नहीं उतारा था, तो फिर सपा की इतनी करारी और शर्मनाक हार कैसे हुई? उन्होंने कहा कि जनता सपा के जवाब का इंतजार कर रही है, क्योंकि इससे पहले हुए उपचुनाव में सपा ने अपनी हार का ठीकरा बसपा पर फोड़ने की कोशिश की थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि आमतौर पर बसपा उपचुनाव से दूरी क्यों बनाती है और इनमें अपने उम्मीदवार क्यों नहीं उतारती। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर सीट पर बसपा का प्रत्याशी न होते हुए भी सपा को अपनी ही सीट पर 61,710 वोटों के भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे जनता की ओर से सपा को जमीनी हकीकत का एहसास कराने वाला परिणाम बताया।
बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि सपा को अब जनता को यह बताना चाहिए कि आखिर उसकी हार का कारण क्या है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मिल्कीपुर उपचुनाव के नतीजों से समाजवादी पार्टी को अपनी वास्तविक स्थिति का अंदाजा हो गया होगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भी मायावती ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने ‘हवा जिधर की, चलो उधर की’ की तर्ज़ पर मतदान करते हुए 27 साल बाद भाजपा को सत्ता में पहुंचा दिया है। अब केंद्र की भाजपा सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह दिल्ली की लगभग दो करोड़ जनता से किए गए वादों और गारंटियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पूरा करे।
मायावती ने कहा कि भाजपा को अपने वादे निभाने होंगे ताकि आम जनता को वास्तव में ‘अच्छे दिन’ का अनुभव हो सके और गरीबों व मेहनतकश लोगों का जीवन थोड़ा बेहतर बन सके। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भाजपा सरकार को सबसे पहले यमुना की सफाई और दिल्ली को वायु प्रदूषण से मुक्त करने जैसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि राजधानी को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।

