महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क बनी हुई है। इसी बीच, कुछ बाइक राइडर्स द्वारा श्रद्धालुओं से अधिक किराया वसूलने और उन्हें गुमराह करने की शिकायतें सामने आई थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई की है।
फाफामऊ पुलिस ने ऐसे 12 बाइकों को सीज कर दिया है, जबकि 30 अन्य बाइक चालकों का मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया है। पुलिस को लगातार यह जानकारी मिल रही थी कि कुछ बाइक चालक श्रद्धालुओं को छोटी दूरी को लंबा बताकर उनसे अधिक किराया वसूल रहे थे। पुलिस ने सूचनाएं एकत्र करने के बाद यह अभियान चलाया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ को लेकर सोशल मीडिया पर कई भ्रामक जानकारियां भी फैलाई जा रही हैं। इस तरह की अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार के निर्देशानुसार विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है।
इसी क्रम में, सात सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिह्नित कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ अकाउंट्स पर एक पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में महाकुंभ से जोड़कर फैलाया जा रहा था। यह वीडियो वर्ष 2021 का था, जिसमें गाजीपुर जिले में कोरोना महामारी के दौरान नदी के किनारे मिले शवों को दिखाया गया था।
हालांकि, इस वीडियो को अब यह कहते हुए साझा किया जा रहा था कि महाकुंभ में भगदड़ मचने से लोग मारे गए और गंगा में लाशें तैर रही हैं। इस तरह की भ्रामक पोस्ट से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी। इस अफवाह का पुलिस द्वारा आधिकारिक अकाउंट से खंडन किया गया और झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

