उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने आए एक व्यक्ति को अपनी लापता पत्नी अस्पताल में मिल गई। यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं थी।
उन्नाव शहर के केवटा तालाब बस्ती निवासी 50 वर्षीय राकेश कुमार की पत्नी शांति देवी (42) अचानक 13 जनवरी को घर से गायब हो गई थीं। राकेश ने उन्हें उन्नाव से लेकर कानपुर, लखनऊ और कन्नौज तक ढूंढा, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, 16 जनवरी को उन्होंने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
राकेश वेल्डिंग का काम करते हैं और उनकी पत्नी के अलावा घर में कोई और नहीं है। पत्नी के गायब होने से वह बुरी तरह टूट गए थे। उन्होंने काम पर जाना भी छोड़ दिया और दोस्त के घर रहने लगे। इसी बीच, आंखों में तकलीफ होने पर उन्होंने 6 फरवरी को डॉक्टर से जांच कराई। डॉक्टरों ने मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने की सलाह दी, जिसके बाद 7 फरवरी को उनका ऑपरेशन हुआ।
ऑपरेशन के बाद जब अस्पताल में उनकी आंखों से पट्टी हटाई गई, तो उन्होंने पास के बेड पर भर्ती एक महिला को पानी मांगते सुना। आवाज जानी-पहचानी लगी, तो उन्होंने ध्यान से देखा और हैरान रह गए—वह महिला कोई और नहीं बल्कि उनकी लापता पत्नी शांति देवी थी।
भावुक होकर राकेश की आंखों में आंसू आ गए, लेकिन जब उन्होंने पत्नी से बात की, तो उसने उन्हें पहचाना नहीं। दरअसल, सिर पर गहरी चोट लगने के कारण शांति देवी अपनी याददाश्त खो चुकी थीं।
पत्नी को इस हालत में देखकर राकेश ने अपने सारे दुख-दर्द भूलाकर उसकी सेवा करने का निश्चय किया। उन्होंने बताया कि जब से उनकी पत्नी अस्पताल में मिली है, तब से वे हर पल उसके साथ हैं और उसकी देखभाल कर रहे हैं। अब उनकी पत्नी धीरे-धीरे उन्हें पहचानने लगी है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
अस्पताल के डॉक्टर कौशलेन्द्र प्रताप के अनुसार, महिला को सिर में गंभीर चोट थी और जब उसे अस्पताल लाया गया था, तब वह कुछ भी समझने या बताने की स्थिति में नहीं थी। लेकिन अब इलाज से उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
हालांकि, राकेश ने जिला अस्पताल में इलाज की उचित व्यवस्था न होने का आरोप लगाया है। फिर भी, उनकी देखभाल और प्यार से उनकी पत्नी की याददाश्त धीरे-धीरे लौट रही है, और यह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है

