मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। यह बजट अब तक के इतिहास में सबसे बड़ा है, जिसका कुल आकार 08 लाख 08 हजार 736 करोड़ 06 लाख रुपये रखा गया है। यह राशि 2024-2025 के बजट की तुलना में 9.8% अधिक है। इस बजट में खासतौर पर महिलाओं और श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाओं का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं को बजट से ये लाभ मिलेंगे
योगी सरकार ने इस बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके विकास पर विशेष ध्यान दिया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 96 लाख से अधिक परिवारों की महिलाओं को शामिल किया गया है। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए बी.सी. सखी योजना चलाई जा रही है, जिसमें 39,556 बी.सी. सखी कार्यरत हैं। इन सखियों ने अब तक 31,103 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया और 84.38 करोड़ रुपये का लाभांश अर्जित किया।
लखपति महिला योजना के अंतर्गत 31 लाख से अधिक महिलाओं को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 2 लाख से ज्यादा महिलाएं पहले ही लखपति बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 1.86 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को गैस कनेक्शन वितरित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार लाभार्थियों को दो निःशुल्क गैस सिलेंडर भी प्रदान कर रही है। साथ ही, महिला सामर्थ्य योजना के तहत उत्तर प्रदेश में महिला स्वामित्व वाली उत्पादक कंपनियों के गठन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मेधावी छात्राओं के लिए नई स्कूटी योजना
राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को पात्रता के आधार पर निःशुल्क स्कूटी प्रदान करने की नई योजना शुरू करने की घोषणा की है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए सह-शिक्षा की व्यवस्था, छात्रावासों का निर्माण, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और संवेदनशीलता जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के 12 जिलों में संचालित की जा रही है, जिसमें प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालक एवं बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास के लिए बड़ा बजट
महिला एवं बाल विकास योजनाओं के लिए इस बार सरकार ने बड़ी राशि आवंटित की है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पेंशन प्रदान करने के लिए 2,980 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।इस बजट के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नया आयाम देने की कोशिश की गई है।

