उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन बड़े ही भव्य और दिव्य रूप में किया जा रहा है, जहां लाखों श्रद्धालु संगम नगरी पहुंचकर पवित्र स्नान कर रहे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी भक्तजन आस्था की डुबकी लगाने के लिए उमड़ रहे हैं।
हालांकि, इस पावन अवसर पर भी कुछ असामाजिक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। संगम में स्नान कर रही महिलाओं के वीडियो चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं, और ये वीडियो डार्क वेब पर बेचे जाने की भी खबरें सामने आई हैं।

इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों – चंद्रप्रकाश, प्रग्नेश और प्रज्वल तेली को गिरफ्तार कर लिया है। प्रयागराज पुलिस ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि डार्क वेब पर वीडियो बेचने का यह नेटवर्क प्रयागराज से निकलकर गुजरात और महाराष्ट्र तक फैला हुआ है।
विदेशों में हो रही थी वीडियो की बिक्री
मामले की तहकीकात में महाराष्ट्र के लातूर जिले के प्रणव तेली और सांगली जिले के एक युवक का नाम सामने आया, जिन्हें गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, आरोपी चंद्रप्रकाश फूलचंद मोन्दा के टेलीग्राम चैनल “सीसीटीवी चैनल 11” पर महाकुंभ के स्नान के वीडियो मिले हैं। उसने इस चैनल के जरिए वीडियो अपलोड कर अवैध रूप से पैसे कमाए।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि लातूर का आरोपी प्रणव तेली विदेशी हैकर्स के संपर्क में था। वह रोमानिया और एटलांटा के कुछ साइबर अपराधियों के साथ मिलकर इन वीडियो को डार्क वेब पर पोस्ट कर रहा था। इतना ही नहीं, प्रयागराज के मॉल्स और अस्पतालों में भी महिलाओं के वीडियो चोरी-छिपे बनाकर उन्हें डार्क वेब पर बेचा जा रहा था।
टेलीग्राम पर बनाते थे फर्जी अकाउंट
आरोपी अलग-अलग टेलीग्राम अकाउंट बनाकर इन वीडियो को बेचने का धंधा चला रहे थे। वे कुछ अकाउंट्स की सदस्यता 2,000 से 4,000 रुपये में बेचते थे, जिससे अवैध रूप से पैसे कमाए जाते थे।
पुलिस ने कसा शिकंजा
गुजरात पुलिस को इस मामले की जांच में पता चला कि लातूर से पैसों का लेन-देन किया जा रहा था। आरोपियों के बैंक खातों में विदेश से पैसे ट्रांसफर किए गए थे। अब तक इस मामले में गुजरात और प्रयागराज में दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
इसके अलावा, पूरे मामले में अब तक कुल 13 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। साइबर टीम सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर सतर्क निगरानी रख रही है और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

