उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक प्राइवेट स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र के साथ उसके शिक्षक द्वारा अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, 10 वर्षीय छात्र से क्लास के दौरान एक सवाल पूछा गया, जिसका जवाब न देने पर शिक्षक ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी और उसे ‘मुर्गा’ बनने की सजा दी।
मामला यहीं नहीं रुका, शिक्षक ने बच्चे को ‘मुर्गा’ बनाने के बाद उसके ऊपर बैठने की शर्मनाक हरकत भी कर दी। इस वजह से बच्चा संतुलन खो बैठा और गिरने से उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इतना ही नहीं, चोट की वजह से उसकी सुनने की क्षमता भी प्रभावित हुई। जब पीड़ित बच्चे की मां ने स्कूल पहुंचकर इस घटना की शिकायत की, तो आरोपी शिक्षक ने गलती स्वीकारने के बजाय 200 रुपये देकर बच्चे का इलाज कराने की बात कह दी।
यह घटना हरदोई के बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के बिरौरी गांव स्थित कल्याणी देवी बाल कल्याण केंद्र की है। घायल छात्र राहुल, जो झाला पुरवा गांव का रहने वाला है, शनिवार को रोज की तरह स्कूल गया था। लेकिन शिक्षक ने जब क्लास में उससे एक सवाल पूछा और वह जवाब नहीं दे पाया, तो गुस्से में शिक्षक ने उसे जातिसूचक अपशब्द कहे और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उसने राहुल को ‘मुर्गा’ बनने की सजा दी और फिर उसके ऊपर बैठ गया, जिससे राहुल गिर गया और उसका पैर टूट गया।
बच्चा दर्द से कराहता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। बाद में अन्य बच्चों की सहायता से वह घर पहुंचा और अपनी मां को पूरी घटना बताई। परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि की। इसके अलावा, उसकी सुनने की क्षमता भी कमजोर हो गई थी।
इस घटना की शिकायत रविवार को बिलग्राम कोतवाली में दर्ज कराई गई। कोतवाली प्रभारी उमाकांत दीपक ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई है।
इस घटना ने एक बार फिर से स्कूलों में बच्चों के साथ हो रहे अत्याचारों को उजागर कर दिया है, जिससे परिजनों में आक्रोश देखा जा रहा है।

