प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने की आशा लिए श्रद्धालु जब चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। कुंभ स्पेशल ट्रेन के आगमन की घोषणा होते ही श्रद्धालु प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंच गए, लेकिन ट्रेन रुकने से पहले ही भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही ट्रेन थमी, यात्री दौड़ते हुए डिब्बों में चढ़ने लगे, जिससे कुछ ही पलों में पूरी ट्रेन भर गई। इस अफरातफरी में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे प्लेटफार्म पर ही रह गए। कुछ यात्री, जिन्हें ट्रेन में चढ़ने का मौका मिला, वे गलियारे में बैठने को मजबूर दिखे। हालांकि, चारबाग, आलमनगर और गोमतीनगर से कुल 14 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सभी ट्रेनें खचाखच भर गईं।
दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से चलकर ट्रेन संख्या 04076 महाकुंभ स्पेशल दोपहर करीब 12 बजे चारबाग स्टेशन पहुंची। ट्रेन रुकने से पहले ही उसमें भीड़ इतनी अधिक हो गई कि श्रद्धालु केवल बाहर से देखते रह गए। शाम को चलने वाली गंगा गोमती और इंटरसिटी एक्सप्रेस भी पूरी तरह से भरी हुई थीं। हालांकि, त्रिवेणी एक्सप्रेस के संचालन से यात्रियों को थोड़ी राहत जरूर मिली।
चारबाग के अलावा आलमनगर और गोमतीनगर से प्रयागराज के लिए 14 महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें उपलब्ध कराई गईं, फिर भी यात्रियों को धक्का-मुक्की करके ट्रेन में चढ़ना पड़ा। पिछले कुछ दिनों में चारबाग स्टेशन पर यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को संभालने में आरपीएफ और जीआरपी के जवान असहाय दिखे। रविवार को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की पर्याप्त सक्रियता नजर नहीं आई।
दिव्यांग और महिलाएं रह गईं बाहर, कोचों में जबरदस्त भीड़
महाकुंभ जाने वाली ट्रेनों में दिव्यांग और महिला कोचों की स्थिति भी चिंताजनक रही। जहां भी यात्रियों को जगह मिली, वे बिना सोचे-समझे चढ़ गए, जिससे महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को बाहर ही खड़े रहना पड़ा। आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने महिलाओं को उनकी बोगियों में बैठाने में मदद की, साथ ही अनधिकृत यात्रियों को लगेजयान से बाहर निकाला।
बरेली प्रयागराज एक्सप्रेस में सफर कर रहीं अमिता सिंह की आरक्षित एसी बोगी में बिना आरक्षण वाले यात्री चढ़ गए और सीटों पर कब्जा कर लिया। उनकी शिकायत पर आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए सीट खाली करवाई। अन्य ट्रेनों में भी कई श्रद्धालु बिना आरक्षित टिकट के आरक्षित डिब्बों में घुस गए थे, जिन्हें बाद में बाहर निकाला गया।
ट्रेनों में जगह नहीं मिली, श्रद्धालु बसों से रवाना हुए
वंदे भारत, गंगा गोमती, त्रिवेणी, बरेली प्रयागराज और योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 28 फरवरी तक लंबी वेटिंग बनी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं को मायूसी झेलनी पड़ी। ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण बड़ी संख्या में यात्री चारबाग से आलमबाग बस अड्डे पहुंचे, जहां से वे बसों द्वारा प्रयागराज रवाना हुए। साधारण बसों से लेकर लग्जरी बसों तक में आसानी से सीटें मिल गईं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोडवेज प्रशासन ने रविवार को कुल 315 बसों से यात्रियों को प्रयागराज पहुंचाया।महाकुंभ की आस्था के आगे रेल प्रशासन की तैयारियां नाकाफी साबित हुईं, लेकिन रोडवेज बसों ने श्रद्धालुओं को राहत जरूर दी।

