पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘मृत्युकुंभ’ बयान को लेकर लखनऊ में मंगलवार को विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विशाल खंड 2 कार्यालय से लेकर विपुल खंड चौराहा, अंबेडकर चौराहा होते हुए 1090 चौराहे तक मार्च किया और ममता बनर्जी का पुतला दहन किया।
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने की। उन्होंने ममता बनर्जी पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। गोपाल राय ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार पूरी तरह सनातन विरोधी हो चुकी है और हिंदू समाज को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति की जा रही है और सनातन धर्म का अपमान किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर गहरा विरोध जताते हुए कहा कि उनके इस बयान से हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इस दौरान गोपाल राय ने केंद्र सरकार से मांग की कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए ताकि वहां सनातन धर्म और हिंदू समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें हिंदू विरोधी करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ममता बनर्जी ने अपने बयान को वापस नहीं लिया और हिंदू समाज से माफी नहीं मांगी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष शिखर गुप्ता, कुलदीप मिश्रा, सुरेश चंद्र दुबे, हिमांशु धवल, सुमित सिंह, कुशाग्र अग्रवाल, सिद्धांत सिंह, सय्यद हुसैन रिजवी, योगी सेवक संजय सिंह, ओमकार राजपूत, बिट्टू त्यागी, देवेंद्र सिंह चौहान, आशीष कुमार राय, शिवम सिंह राणा, तपस्वी तिवारी, रमेश प्रधान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह प्रदर्शन हिंदू समाज की नाराजगी को प्रकट करने और ममता बनर्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने के उद्देश्य से किया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो आंदोलन और व्यापक होगा।

