मथुरा में विश्व प्रसिद्ध ब्रज की होली का रंगारंग उत्सव तीन मार्च से आरंभ हो रहा है। इस दिन साधु-संतों की होली खेली जाएगी, जिसमें रंग और गुलाल की धूम मचेगी। यह विशेष आयोजन महावन के रमणरेती आश्रम में होगा।
इसके बाद, सात मार्च को बरसाना में लड्डू होली का आयोजन होगा, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु हर साल मथुरा आते हैं। आठ मार्च को बरसाना में प्रसिद्ध लठ्ठमार होली खेली जाएगी, जबकि नौ मार्च को नंदगांव में यह अनोखी होली आयोजित होगी।
दस मार्च को रंगभरनी एकादशी से ब्रज में रंगीली होली की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन से प्रमुख मंदिरों में रंग और गुलाल उड़ने लगते हैं। इसी दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर विशेष होली खेली जाएगी, जबकि वृंदावन के बिहारी जी मंदिर में रंगभरनी एकादशी के साथ होली उत्सव की शुरुआत होगी। इसके अलावा, दस मार्च को द्वारकाधीश मंदिर में विशेष कुंज बनाया जाएगा, जहां भगवान को विराजमान कर रंगों से होली खेली जाएगी।
ग्यारह मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली का आयोजन होगा, जो अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। बारह मार्च को द्वारकाधीश मंदिर के बगीचे में रंगीली होली खेली जाएगी। तेरह मार्च को “होली का पंडा” उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें प्रहलाद रूपी व्यक्ति जलती होली से सुरक्षित बाहर निकलता है। यह अनोखा आयोजन मथुरा से लगभग 55 किलोमीटर दूर फालैन और बठेन गांव में होता है।
कपड़ा फाड़ होली और धुलेंडी
तेरह मार्च को द्वारकाधीश मंदिर से चतुर्वेदी समाज का भव्य डोला निकलेगा, जिसमें रंग और गुलाल से होली खेली जाएगी। इसके बाद, चौदह मार्च को धुलेंडी मनाई जाएगी। पंद्रह मार्च को दाऊजी मंदिर में प्रसिद्ध “हुरंगा” होगा, जिसमें देवर-भाभी की हंसी-ठिठोली के बीच कपड़ा फाड़ होली खेली जाती है। यह आयोजन देशभर में अपनी खास पहचान रखता है।
मथुरा में होली का जश्न शुरू
मथुरा के बरसाना, जिसे राधारानी की जन्मस्थली माना जाता है, में होली का उल्लास पहले ही शुरू हो चुका है। महाशिवरात्रि की संध्या पर पहली चौपाई (गायन और संगीत आयोजन) हुई, जिसके बाद गलियां अबीर और गुलाल से सराबोर हो गईं। सात मार्च को दूसरी चौपाई के साथ लड्डू मार होली खेली जाएगी, इसके बाद आठ मार्च को बरसाना की लठ्ठमार होली होगी।
ब्रज मंडल में यह होली उत्सव पूरे 40 दिनों तक चलता है, जिसमें हर दिन नया रंग और उल्लास देखने को मिलता है।अगर आप होली का असली आनंद लेना चाहते हैं, तो मथुरा-वृंदावन की इस अनोखी होली का हिस्सा जरूर बनें!

