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यूपी में कछुआ तस्करी रैकेट का खुलासा, दो तस्कर गिरफ्तार, 405 कछुए सुरक्षित बरामद

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतर्राज्यीय स्तर पर प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 405 जीवित कछुए बरामद किए गए हैं। यह ऑपरेशन 1 मार्च 2025 को तड़के लगभग 3:40 बजे मैनपुरी जिले के उषराहार-किशनी मार्ग पर किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

  1. कुलदीप चतुर्वेदी (29 वर्ष) – निवासी ग्राम गहवरा, पोस्ट तिवना, थाना एवं तहसील मीरगंज, जनपद बरेली।
  2. अमित यादव (20 वर्ष) – निवासी ग्राम अंसारी मोहल्ला, पोस्ट बरेली, थाना फतेहगंज, जनपद बरेली।

बरामद सामग्री

  • 405 जीवित कछुए (संरक्षित/प्रतिबंधित प्रजाति)
  • 1 आधार कार्ड
  • 1 पैन कार्ड
  • 1 सैमसंग मोबाइल फोन
  • 1 स्विफ्ट कार (UP 13 AL 4254)

अभियान की पृष्ठभूमि

पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। इस पर एसटीएफ के विभिन्न यूनिट्स को जानकारी एकत्र करने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।

अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में, निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिंह (एसटीएफ फील्ड इकाई, कानपुर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम को सूचना मिली कि कुछ तस्कर इटावा, मैनपुरी और फिरोजाबाद से कछुए इकट्ठा कर मैनपुरी से रुद्रपुर (उत्तराखंड) ले जाने की योजना बना रहे हैं।

इस जानकारी के आधार पर उप निरीक्षक विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर वन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। तस्करों की निगरानी के बाद उषराहार-किशनी मार्ग पर दबिश दी गई और दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।

तस्करी का नेटवर्क और अन्य आरोपियों की संलिप्तता

गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि वे पेशे से गाड़ी चलाते हैं और इसी दौरान उनकी मुलाकात संतोष (निवासी रुद्रपुर, उत्तराखंड) से हुई थी। संतोष ने उन्हें रूप सिंह (निवासी अछल्दा, जनपद इटावा) से मिलवाया, जो प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी करता है।

बरामद कछुए रूप सिंह द्वारा ही उपलब्ध कराए गए थे। अभियुक्तों को इन कछुओं को मैनपुरी से रुद्रपुर ले जाने के लिए ₹50,000 की पेशकश की गई थी, जिसमें से ₹20,000 पहले ही एडवांस में दिए गए थे और बाकी की रकम रुद्रपुर पहुंचने के बाद दी जानी थी।

कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16ख), 9, 39, 48, 49बी, 50, 51, 57 तथा भारतीय वन अधिनियम की धारा 52क के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय वन अधिकारी, मैनपुरी रेंज, वन प्रभाग को सौंप दिया गया है।

इस तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों रूप सिंह और संतोष की तलाश जारी है और एसटीएफ इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है।

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