उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शादी समारोह के दौरान खाने की कमी को लेकर दूल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच विवाद हो गया। यह मामला गढ़वा गांव का है, जहां बारातियों और घरातियों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर दूल्हा पूरी बारात लेकर वापस लौट गया।
दूल्हे के इस फैसले से दुल्हन के घरवालों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में वे थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने दूल्हे के घर जाकर उसे मनाने की कोशिश की। काफी समझाने-बुझाने के बाद भी जब वह दुल्हन के घर जाने को तैयार नहीं हुआ, तो थाने के पास स्थित मंदिर में शादी करवाई गई।
चित्रकूट से आई थी बारात
यह मामला सोमवार का बताया जा रहा है। चित्रकूट जिले के शेषा मऊ गांव से धर्मेंद्र का बेटा कमलेश अपनी बारात लेकर गढ़वा गांव में देवनाथ की बेटी अंतिमा के घर पहुंचा था। बारात का स्वागत धूमधाम से किया गया और द्वार पूजा की रस्म पूरी की गई। लेकिन जैसे ही खाने की बारी आई, खाने की कमी को लेकर बारातियों और घरातियों के बीच बहस छिड़ गई।दुल्हन पक्ष का आरोप था कि तय संख्या से अधिक बाराती आ गए थे, जिसकी वजह से खाने की दिक्कत हुई। वहीं, दूल्हे पक्ष ने स्वागत और खानपान में कमी का आरोप लगाया। धीरे-धीरे बहस इतनी बढ़ गई कि मामला तनावपूर्ण हो गया।
गुस्से में बारात लेकर लौट गया दूल्हा
विवाद बढ़ता देख दूल्हे को गुस्सा आ गया और उसने बिना देर किए पूरी बारात वापस ले जाने का फैसला कर लिया। बारात के लौटते ही दुल्हन पक्ष में अफरा-तफरी मच गई। परेशान परिजन थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई।शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम दूल्हे के घर पहुंची और उसे समझाने की कोशिश की। थाना प्रभारी उर्मिला सिंह ने दोनों पक्षों से बात की और विवाद को सुलझाने की कोशिश की।
मंदिर में कराई गई शादी
काफी समझाने के बाद भी जब दूल्हा, दुल्हन के दरवाजे पर जाने को तैयार नहीं हुआ, तो उसने मांग रखी कि शादी थाने में ही करवाई जाए।
इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से थाने के पास स्थित एक मंदिर में मंगलवार सुबह शादी संपन्न कराई गई। यहीं पर दुल्हन की विदाई भी कर दी गई।इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। वहीं, पुलिस की पहल से दोनों परिवारों के बीच सुलह हो गई और शादी खुशी-खुशी पूरी हो सकी।

