उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने पंडित पंत के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट नेतृत्व से भारतीय राजनीति और प्रशासन में अमिट छाप छोड़ी।
संविधान सभा के सम्मानित सदस्य थे पंडित पंत
गोरखपुर विश्वविद्यालय के पंत पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने पंडित पंत के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वे संविधान सभा के सम्मानित सदस्य थे और आजादी के बाद 1954 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई। बाद में, उन्हें देश के गृह मंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली और हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी पंडित पंत ने
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की आधारशिला स्वयं पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने रखी थी। उन्होंने 7 मार्च 1961 को इस दुनिया को अलविदा कहा। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से हम उनके योगदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टण्डन, भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता संग्राम में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए यह कार्यक्रम देश और प्रदेश के विकास में उनकी प्रेरणा को सहेजने का संकल्प था।

