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रामलला दरबार में जबरदस्त ऊर्जा और वाइब्रेशन, वास्तुकार डॉ. परेश ने बताया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में सटीक भविष्यवाणियों के लिए चर्चित विश्वप्रसिद्ध ज्योतिषी और वास्तुकार डॉ. परेश दानी ने राममंदिर के बारे में दिलचस्प बातें साझा की हैं। उन्होंने दावा किया है कि राममंदिर में एक अद्भुत ऊर्जा और वाइब्रेशन महसूस होता है। रामलला के दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर की संरचना, पत्थरों के जुड़ाव, और दिशाओं के आधार पर विश्लेषण करते हुए कहा कि वास्तु के नजरिए से भी यह स्थान एक अद्वितीय ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था के कारण यहां ईश्वरीय ऊर्जा का वास स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।

    डॉ. परेश दानी अहमदाबाद से अयोध्या धर्म यात्रा पर निकले थे, जिसमें उनके साथ अमेरिका के शिकागो से आए उनके 85 वर्षीय मित्र भाईलाल पटेल भी शामिल थे। मंगलवार की शाम सरयू नदी पर आरती के बाद बुधवार को उन्होंने रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने कनक भवन और दशरथ भवन में भी दर्शन किए और फिर भरतकुंड होते हुए प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। अयोध्या पहुंचने से पहले डॉ. परेश ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव और संकट मोचन मंदिर के दर्शन भी किए थे। उन्होंने राममंदिर की वास्तुकला और सौंदर्य की खूब प्रशंसा की।

    रामलला के श्याम वर्ण के विग्रह के बारे में पूछे गए सवाल पर डॉ. परेश ने कहा कि शिव को प्रिय श्याम वर्ण का विग्रह यहां बेहद उपयुक्त है। सफेद संगमरमर की पृष्ठभूमि पर श्याम वर्ण के विग्रह की आभा और भी अधिक निखरकर सामने आ रही है। इसी वजह से रामलला के दर्शन करने आए भक्तों को दूर से ही उनकी दिव्य छवि दिखाई देती है। डॉ. परेश दानी अमेरिका और यूरोप के कई देशों में ज्योतिष पर आयोजित कार्यशालाओं में वक्ता के रूप में शामिल होते रहते हैं।

    यह बात उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पिछले साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राममंदिर का उद्घाटन किया था। फिलहाल मंदिर के पहले और दूसरे तल पर निर्माण कार्य जारी है। मंदिर का डिजाइन कई वैज्ञानिकों और वास्तु विशेषज्ञों की सलाह के बाद तैयार किया गया है। दावा किया जा रहा है कि इस मंदिर को सैकड़ों साल तक किसी भी प्राकृतिक आपदा से नुकसान नहीं होगा।

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