IND vs ENG TEST – भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज के चौथे मैच में विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक बार फिर अपने जुझारूपन का परिचय दिया है. चौथे टेस्ट के पहले दिन पैर में लगी चोट के बावजूद उन्होंने दूसरे दिन बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया, जिससे टीम को मुश्किल स्थिति में संभलने का मौका मिला. पंत की इस भावना की प्रशंसा देश और दुनिया के कई पूर्व क्रिकेटरों ने की है.
मैच की पहली पारी में जब ऋषभ पंत बल्लेबाजी कर रहे थे, तब क्रिस वोक्स की गेंद उनके पैर के अंगूठे पर लग गई थी. जांच में फ्रैक्चर की पुष्टि के बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए मैदान से बाहर ले जाया गया था. बीसीसीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पंत को छह सप्ताह तक आराम करने की सलाह दी गई है जिसके चलते वो क्रिकेट से दूर रहेंगे. इसके बावजूद, टीम की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने अगली पारी में बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और एक महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाया.
ऋषभ पंत की हिम्मत ने केवल भारतीय फैंस ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों को भी झुकने पर मजबूर कर दिया है.
क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने लिखा, “दृढ़ता का मतलब है दर्द सहते हुए भी खेलते रहना और उसे पार कर जाना. पंत ने चोटिल होने के बावजूद मैदान पर वापस आकर जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह उनकी शानदार मानसिक ताकत और जज्बे को दर्शाता है. उनकी फिफ्टी इस बात की मजबूत मिसाल है कि देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए कितनी हिम्मत और संकल्प की जरूरत होती है. एक साहसी प्रयास, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा.
आपको याद दिला दें कि दिसंबर 2022 में ऋषभ पंत का एक भयानक सड़क हादसा हुआ था. नए साल पर अपने घर जाते समय उत्तराखंड में रुड़की के पास उनकी कार डिवाइडर से टकराई और जलकर राख हो गई थी. वह बुरी तरह घायल हो गए थे और उनके घुटनों और पीठ में गंभीर चोटें आईं थी. लोकल युवकों की मदद से उन्हें कार से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था, मुंबई में उनकी सर्जरी हुई और वो करीब दो साल तक मैदान से दूर रहे थे.

