पानी पीना सेहत के लिए आवश्यक है, लेकिन क्या पता है कि कम पानी पीने से आपके तनाव यानी स्ट्रेस लेवल में भी इजाफा हो सकता है? एक हालिया वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जो लोग दिन में 1.5 लीटर से कम पानी पीते हैं, उनमें शरीर का तनाव हार्मोन कोर्टिसोल (Cortisol) अधिक मात्रा में रिलीज़ होता है।
इस अध्ययन में दो समूहों को लिया गया, जहां एक समूह में लोग कम पानी पीते थे और दूसरे में पर्याप्त। जब इन दोनों समूहों को मानसिक तनाव के लिए परीक्षण में रखा गया, तब कम पानी पीने वालों में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ा पाया गया। कोर्टिसोल शरीर का प्रमुख स्ट्रेस हार्मोन होता है, जो अधिक मात्रा में रहने से हृदय रोग, मधुमेह और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।
डिहाइड्रेशन या पानी की कमी से शरीर में वासोप्रेसिन हार्मोन सक्रिय होता है, जो तनाव हार्मोन्स को बढ़ाता है और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।
रोजाना कितनी मात्रा पानी पीना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक:
महिलाओं के लिए लगभग 2 लीटर (8 कप) पानी
पुरुषों के लिए लगभग 2.5 लीटर (10 कप) पानी
पानी सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि चाय, कॉफी, फलों के रस और सुप्स से भी शरीर को हाइड्रेट किया जा सकता है।
हाइड्रेशन के संकेत
अपने शरीर में पानी की कमी का पता लगाने के लिए प्यास की जगह यूरिन का रंग देखें। हल्का पीला रंग बेहतर हाइड्रेशन दर्शाता है, जबकि गाढ़ा पीला रंग पानी की कमी का संकेत है, जिसके कारण तनाव भी बढ़ सकता है।
अतः तनाव कम करने और सेहत को बनाए रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है।
यह अध्ययन हाल ही में जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलॉजी में प्रकाशित हुआ है, जो मानसिक स्वास्थ्य और हाइड्रेशन के बीच संबंध को सामने लाता है।

