वेनेजुएला में चल रहे बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच देश की नई अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को लेकर एक अलग ही वजह से चर्चा तेज हो गई है। सत्ता संभालते ही उनकी आध्यात्मिक आस्था सामने आई है, जिसने भारत और खासतौर पर सत्य साईं बाबा से उनके गहरे जुड़ाव को उजागर किया है। डेल्सी रोड्रिगेज की साईं बाबा के प्रति श्रद्धा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रही है।
अमेरिका की कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के राजनीतिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी बीच देश की कमान डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में सौंपे जाने के बाद यह साफ हुआ कि वह न सिर्फ मादुरो की करीबी सहयोगी रही हैं, बल्कि आस्था के मामले में भी उनके ही मार्ग पर चलती हैं। डेल्सी भी पुट्टापार्थी के सत्य साईं बाबा की अनन्य भक्त मानी जाती हैं और उनके विचारों से गहरी प्रेरणा लेती हैं।
डेल्सी रोड्रिगेज का भारत से आध्यात्मिक रिश्ता नया नहीं है। वह वर्ष 2023 और फिर अक्टूबर 2024 में भारत आई थीं, जहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के पुट्टापार्थी में सत्य साईं बाबा की समाधि पर दर्शन किए। इन यात्राओं के दौरान हाथ जोड़े, नतमस्तक डेल्सी की तस्वीरें सामने आई थीं, जो हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में उनका सादगी भरा और श्रद्धा से भरा स्वरूप लोगों का ध्यान खींच रहा है।

पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस भी सत्य साईं बाबा के परम भक्त रहे हैं। दोनों वर्ष 2005 में पुट्टापार्थी पहुंचे थे और बाबा के चरणों में बैठकर आशीर्वाद लिया था। बताया जाता है कि मादुरो अपने बेडरूम और राष्ट्रपति कार्यालय में महान क्रांतिकारी साइमन बोलिवर के साथ-साथ सत्य साईं बाबा की तस्वीर रखते थे और किसी भी बड़े फैसले से पहले उन्हें स्मरण करते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक संकट के दौर में डेल्सी रोड्रिगेज बाबा के बताए मानवीय मूल्यों, शांति और सेवा के सिद्धांतों से मानसिक शक्ति ले रही हैं। अपनी भारत यात्राओं के दौरान भी उन्होंने पुट्टापार्थी की आध्यात्मिक ऊर्जा और वहां के शांत वातावरण की खुले तौर पर सराहना की थी।

मादुरो और अब डेल्सी रोड्रिगेज के संरक्षण में वेनेजुएला में सत्य साईं संगठन का प्रभाव लगातार बढ़ा है। देश में कई स्कूल और आध्यात्मिक केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिन्हें सरकारी समर्थन प्राप्त है। उल्लेखनीय है कि 2011 में सत्य साईं बाबा के निधन पर वेनेजुएला की संसद ने आधिकारिक रूप से शोक प्रस्ताव पारित किया था और देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया गया था।
इस तरह, सत्ता परिवर्तन के बीच वेनेजुएला की नई नेतृत्वकर्ता डेल्सी रोड्रिगेज की भारत और सत्य साईं बाबा से जुड़ी आस्था ने एक बार फिर दिखा दिया है कि राजनीति और आध्यात्म कई बार सीमाओं से परे जाकर एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं।

