हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित नालागढ़ पुलिस स्टेशन पर 1 जनवरी 2026 को हुए बम धमाके के मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस हमले को अंजाम देने वाले बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े दो गुर्गों को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि यह पूरी साजिश पाक-आईएसआई समर्थित आतंकी नेटवर्क के तहत रची गई थी।
पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह उर्फ शेरू उर्फ कमल और प्रदीप सिंह उर्फ दीपू के रूप में हुई है, जो दोनों नवांशहर जिले के राहों क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी बरामद किया है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी गुरप्रीत उर्फ गोपी नवांशहरिया और BKI के मास्टरमाइंड हरविंदर रिंदा के करीबी सहयोगी सुशांत चोपड़ा के निर्देश पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को आरोपी अपने दो अन्य साथियों के साथ पंजाब से हिमाचल प्रदेश में IED लेकर पहुंचे थे, जिसका इस्तेमाल अगले दिन नालागढ़ पुलिस स्टेशन ब्लास्ट में किया गया।
इस मामले की जांच से जुड़े ऑपरेशनल पहलुओं पर जानकारी देते हुए एसएसपी नवांशहर तुषार गुप्ता ने बताया कि राहों थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक अन्य मामले की जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका उजागर हुई। पूछताछ और फॉलोअप कार्रवाई के बाद आरोपियों की निशानदेही पर एक और IED बरामद की गई, जिससे आतंकी साजिश में उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े दो अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

